मैं 5 सालों तक खूबसूरत औरतों का मसाज करता रहा॥ लेकिन किसी को शक नहीं हुआ.. लेकिन एक दिन बड़े ..

मैं न तो लड़का था, न  ही लड़की और न ही किन्नर था” तो आखिर मैं क्या था?

मैं लड़की बनकर 5 सालों तक औरतों की मसाज करता रहा ” लेकिन किसी को शक नहीं हुआ”की मैं एक मर्द हूँ,, लेकिन एक दिन बहुत आमिर आदमी ने मुझसे मसाज कराया ” और उसने मुझे अपने घर हमेशा के लिए रख लिया ।

और रोजाना मुझसे मसाज करवाती ” एक दिन मैं मसाज कर रहा था ,की मुझ पर तेल गिर गया। उस औरत ने मुझे अपने कपड़े दिए “और कहा बदल लो। मैं घबरा गया । जब मैं उसके सामने कपड़े बदलने लगा ” तो मेरे पैर से जमीन निकल गई,,क्योंकि वो …

आखिर मेरी मजबूरी क्या थी?

मैं एक गरीब इंसान था। इन्टरमिडीएट करने के बाद,मैंने नौकरी की तलाश शुरू कर दी। क्योंकि पढ़ने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे ।लेकिन नौकरी न मिलने की सबसे बड़ी कारण  यह थी “की मेरा अंदाज अलग था।मैं तीसरी जींस का तो बिल्कुल भी नहीं  था। मैं एक पूरा लड़का था। लेकिन न जाने क्यों मेरी आवाज भी कुछ लड़कियों जैसी थी,, और मेरे हाँथ पाँव की बनावट को देखकर , मेरे रिश्तेदार हसीन के नाम से पुकारते थे।

कई लोगों का शक था “की मैं तीसरी जींस का हूँ । यहाँ  तक की मेरे घरवाले को  भी काफी वर्षों तक यही लगता रहा ।

लेकिन मैं एक पूरा लड़का था । बस न  जाने क्यों मेरे हाथों की बनावट ऐसी थी। थोड़ा बहुत आवाज भी लड़की जैसी थी। मैं जिधर भी काम मांगने को जाता , कोई नहीं मुझे काम नहीं देता। हर कोई तीसरी जींस का समझकर भगा देता । कोई भी मेरी बात का भरोसा करने को तैयार नहीं था,

कि मैं एक लड़का हूँ। अगर मैं किन्नर होता, तो फिर भी कोई बात होती।लेकिन मैं तो वैसे था ही नहीं, जैसा दुनिया मुझे समझ रही थी।

मेरे परिवार ने मुझे घर से भगा दिया ?

मेरे घर में पैसों की कमी थी। मेरे घरवालों ने भी मुझे बहुत परेशान करके रखा हुआ था। वो लोग भी मेरी जात से नफरत करते थे। क्योंकि उनको भी मैं अजीब ही लगता था। मेरी माँ कहती थी तू तो ना बेटा निकला ना बेटी निकली। तुम्हारी बनावट बेटे जैसी होती, तो तुम्हे कहीं नौकरी मिल जाती ” और हमारा गुज़ारा होता,,

या तुम पूरी बेटी होती,तो हमें कमा कर देती।लेकिन तू तो कहीं की नहीं हैं । ये किसी और कि नही, बल्कि मेरी मां कह रही थी। जब सारी दुनिया में लोग उसका साथ छोड़ देता है, तो उसकी माँ उसका साथ देती है। लेकिन मेरी माँ तो माँ हैं,और वही मुझे गलत इंसान ठहरा रही थी। समय गुजरता गया ,और मेरी उम्र 22 साल हो गई”और मैं परेशान था। मैंने उसी परेशानी में अपना घर छोड़ दिया, और दूसरे शहर आ गया

शहर में भी धक्के खाता रहा लेकिन एक दिन .. ?

दूसरे शहर आकर भी धक्के खाता रहा, लेकिन मुझे कहीं भी नौकरी नहीं मिला। फिर मुझे एक इंसान ने हिम्मत दिलाई। जिसका एक मसाज सेंटर था। और वो मर्दों का मसाज करता था। उसने मुझे कहा, की तुम ये काम करो। मैने उसके सेंटर में काम करना शुरू कर दिया। लेकिन वहाँ पर भी सबने मुझे तीसरी जींस का समझकर, सबने मेरा बहुत मजाक उड़ाया।

उनमें से एक ने तो मौका पाकर मुझे परेशान करने की कोशिश की। यहाँ पर मेरी बर्दाश्त की हद खत्म हो गयी थी।

और उस सेंटर को छोड़ दिया। फिर मुझे ख्याल आया, कि जब दुनिया मुझे लड़की समझती है, तो मैं भी दुनिया के सामने लड़की बन जाता हूँ। मैंने अपने आप को लड़का साबित करने की बहुत कोशिश की, लेकिन हार गया। अब मैंने एक नया रास्ता अपनाने को सोच लिया था। मैंने एक नकाब खरीदा, और नकाब पहन कर पूरे तरीके से लड़की का रूप अपना लिया।

उसके बाद मैंने जॉब के लिये दुकानों में काम तलाश करने लगा। और मुझे अचानक काम भी मिल गया। एक दुकान मालिक ने मुझे रख लिया। जिसकी कपड़ों की दुकान थी। उसने मुझसे कहा, कि तुम देखने में जरूर खुबसूरत होगी। अगर तुम नकाब उतार दो, तो मेरे ग्राहक ज्यादा आयेंगे। मैंने कहा, की मैं पर्दा करती हूँ, मैं ऐसा नहीं कर सकती।

कुछ दिन मैंने वहाँ पर काम किया, और मेरा अच्छा खासा गुजर होने लगा। मैंने एक कमरा किराये पर ले लिया। मैं पूरे दिन दुकान में बैठा होता था,

और दुकान का मालिक मुझे बहुत हौसला देता था। वह मुझ पर इस कदर मेहरबान था, कि मैं हैरान हो जाता था। कि ये इंसान मुझ पर इतना मेहरबान क्यों है? उसने कई बार मुझे नकाब हटाने को कही थी। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया,

क्योंकि मैं ऐसा कर ही नहीं सकता था। यहाँ भी मेरे साथ वही हुआ, जो मसाज सेंटर में हुआ था।

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दुकान वाले ने मुझे इज्जत पर हाथ डालने की कोशिश की, लेकिन मैं ..

दुकान के मालिक ने एक रात मुझे किसी बहाने से रोककर रखा, और फिर दुकान बंद करके, मुझसे जबरदस्ती करना चाहा। लेकिन जैसे ही उसने मेरा नकाब खींचा, उसे मालूम हो गया कि मैं लड़का हूँ ।क्योंकि मेरी शक्ल तो लड़कों जैसी ही थी। बस हाथों की बनावट लड़कियों जैसी थी। और थोड़ी आवाज़ भी।

मेरा चेहरा देखकर दुकान के मालिक ने मुझे बहुत डांटा, और कहा कि तुम धोखे से यह काम कर रहे थे। लड़की बनकर।

मैंने कहा, तुमने मुझे इसी काम के लिए साथ रखा हुआ था।अगर मैं सचमे एक लड़की होता, तो तुम तो मेरी इज्जत को खत्म कर देते आज।

मैं लड़की नहीं था। लड़का था। मुझमें इतनी ताकत थी, कि मैं उसे धक्का दे देता। मैं अपने आप को बचाते हुए कामयाब हो गया, और जब उसने मेरा नकाब खींचा, तो उसने मेरी सच्चाई पता चल गयी। अगर मेरी जगह कोइ लड़की होती, तो वो अपने को बचा नहीं सकती थी।

क्योंकि वो इंसान बहुत ताकतवर था। लेकिन मैं भी एक मर्द था। और मेरे अंदर भी ताकत थी, मैंने खुद को बचा लिया। मैं वहाँ से भाग निकला। मुझे बहुत अफसोस हो रहा था, कि यह दुनिया कैसी है। ना लड़के को छोड़ती है, ना लड़की को। जब मैं लड़की बनकर दुनिया के सामने जाता हूँ, तो कहते हैं की मुझे धोखा दिया तुमने। तुम तो लड़के हो। और जब मैं लड़का बनकर सामने आता हूँ, तो मुझे किन्नर समझकर अलग नज़र से देखते हैं। मैं एक बार फिर से बेरोजगार हो गया था।

लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। इसी तरह नकाब पहन कर, अपनी आवाज़ को लड़की की आवाज बनाकर, मैं दूसरी नौकरी करने लगी । ये भी एक दुकान थी, और वहाँ की मालकिन एक औरत थी। तो मुझे ज़रा तसल्ली थी । उस औरत ने मुझे नकाब हटाने को भी नहीं कहा। उस औरत का छोटा सा बेटा था, और मैं उसका बहुत ख्याल रखता था। और उसके कस्टमर को डील करता था।

 

 अब मैं बहुत परेशान था ,लेकिन एक दिन ..  ?  

1 दिन वह औरत बहुत परेशान थी। मैंने परेशानी की वजह पूछी, तो उसने कहा, कि मेरे सर में दर्द है। और मेरा अंग अंग दुख रहा है। मैंने उससे कहा, कि मै आपका सर दबा देती हूँ।

मैंने उसका सर दबाया, तो उसको बहुत आराम मिला। फिर मैंने उसके कंधे दबाना शुरू किए, और मैं यू करते करते उसके पूरे शरीर पर हाथ फेरकर मसाज के अंदाज में दबाता जा रहा था।

और उस औरत को आराम महसूस हो रहा था। उसने मुझसे कहा, की तुम तो बहुत अच्छी मालिश करती हो।

मेरा तो सारा दर्द ही तुमने गायब कर दिया। तुम्हे तो मसाज सेंटर खोलना चाहिए। तुम्हारे हाथों में बड़ी जादू है। ये मसाज सेंटर वाली बात उसने शायद ऐसे ही बोल दी थी। लेकिन यह बात मेरे दिमाग में बैठ गयी। मैंने सोचा बात सच है, कि मेरे हाथों में इतनी ताकत है। मैं बहुत अच्छे से मसाज कर सकता हूँ । लेकिन बस परेशानी यही है,की मैं मर्दों का मसाज करता था, तो वो मुझे एक गलत निगाह से देखते थे। मेरा मजाक उड़ाते थे।

 

  • फिर मुझे ख्याल आया ,की क्यों न मैं औरतों की मसाज शुरू कर दूँ ,
  • औरत बनकर ही और ये ख्याल आते ही,मेरे अंदर खुशी की लहर दौड़  गईं । अगले दिन जाकर मैंने अपनी मालकिन से कहा, कि मुझे थोड़ा पैसा चाहिए। मैं जल्दी आपका पैसा वापस कर दूंगी। मेरी मालकिन बहुत अच्छी थी। बहुत अच्छी दिल की
  • मालिक थी। और अब वो रोजाना ही मुझसे मसाज करवाया करती थी। उसने मुझे कहा ठीक है,
  • अगर तुम इतनी परेशान हो, तो मैं तुम्हे थोड़ा बहुत पैसा दे देती हूँ। तुम्हारा इमानदारी का काम मुझे बहुत अच्छा लगा है।
  • इसलिए मुझे तुम्हारी मदद करने में कोई परेशानी नहीं है। उसने मुझे अच्छी खासी पैसा दे दी थी, और मैं खुशी से उछल रहा था । मैंने उस पैसे से एक मसाज सेंटर खोल लिया औरतों के लिए। मैंने ये सेंटर उधार की बुनियाद पर खोला था। और भगवान से प्रार्थना कर रहा था, की मेरा कारोबार चल जाए, ताकि मैं अपनी मालकिन का पैसा वापस कर सकूँ।
  • मैं दिन को मालकिन के घर में काम करता था।
  • और शाम को अपना मसाज सेंटर खोलता, और औरतें आती थी,और मुझसे मसाज करवाती थी। और मैं नकाब पहना होता था। वो मुझसे मेरे नकाब की वजह पूछ रही होती थी। तो मैंने यही कहा, की बस मैं पर्दा करती हूँ। मेरे हाथों की बनावट से किसी
  • औरत को शक नहीं हुआ,
  • कि आखिर मैं असल में हूँ कौन?मैं हमेशा सोचता था, कि भगवान ने मेरे हाथ को ऐसे क्यों बनाए हैं?
  • क्यों मेरे अवाज को लड़की जैसा बनाया। लेकिन आज मुझे समझ आ गया था। भगवान कोई चीज़ बेकार नहीं बनाई थी।

मैं आँख बंद करके अपना काम करता था ? क्योंकि मैं… 

मेरे हाथ ही थे, जो मेरे काम आ रहे थे। मेरा काम चल रहा था। मेरा मसाज सबको बहुत अच्छा लग रहा था। हर कोई मेरी तारीफ कर रहा था। और मेरे ग्राहक ज्यादा होते जा रहे थे। जो भी औरत मुझसे मसाज करवाती , वो आगे जाकर दूसरी औरतों को बता देती। कि इसके हाथ में बड़ी  ताकत है? अक्सर ऐसी औरतें आती थीं, जिनको शरीर के परेशानी का मसाला होता था।

और मसाज करने से उनकी परेशानी गायब हो जाती थी। ये पूरे औरतें मेरे सामने अपना अच्छा खासा कपड़ा उतार देती थी। लेकिन मैं उनको देखता नहीं था। मै आँख बंद करके अपना काम करता था। मेरा उनको देखना भी पाप था।

मेरा कोई गलत नियत नहीं था। बस मै मजबूर था। फिर एक दिन एक बहुत बड़ी गाड़ी में एक औरत आई, जो बहुत ज्यादा अमीर लग रही थी।मेरे पास इतनी अमीर औरतें नहीं आती थी। लेकिन वह औरत कुछ ज्यादा हीअमीर थी । उसका कपड़ा और उसकी गाड़ी, सब कुछ उसकी अमिरी बता रहे थे। वो मेरे पास आई। उसने मुझसे कहा, कि मैंने तुम्हारे मसाज की बहुत तारीफ सुनी है।

मुझे शरीर मे बहुत दर्द रहती है। मैं बहुत ज्यादा परेशानी में हूँ।

कोई दवाई भी असर नहीं करती है। मेरा वजन ज्यादा होने की वजह से, मेरा शरीर बहुत दर्द करता है। इसलिए मैं तुम से मालिश करवा कर देखना चाहती हूँ, कि असर होता है कि नहीं वो औरत जैसी भी थी “अमीर औरतों ऐसी ही होती हैं”मैंने आराम से उसका मसाज किया , और काफी देर तक करता रहा “तो उसको बहुत सुकून आया। उसने मेरी तारीफ की और फिर चली गई।

लेकिन अगले रोज़ वो फिर आयी, और मुझे कहा , कि मैं तुम्हें लेने आई हूँ।

एक मालकिन ने मुझे अपने घर पर रख लिया ,क्योंकि?

तुम अब मेरे घर पर रहो। मैं तुम्हें इतने पैसे दूंगी की तुम्हें ये सेंटर चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस मेरी परेशानी को दूर कर दो। उसकी बात सुनकर तो मैं हैरान रह गया था। वो मुझे इतना पैसा देने पर तैयार थी, की मुझे सेंटर चलाना ही नही पड़ेगा। यानी मेरी किस्मत मुझ पर मेहरबान हो रही थी। सारा दिन सेंटर में जलील होने के बजाय, मुझे एक ही औरत का मसाज करना था। और मेरे महीने भर का खर्च निकल जाता ।

मैंने उस औरत से कहा, कि मैं ये सेंटर बंद नहीं कर सकती,

क्योंकि मैंने किसी से बहुत पैसा उधार लिया था ये सेंटर चलाने के लिए। और जब तक उसका उधार नहीं चुका देती। मैं इसको बंद नहीं कर सकती।

उस औरत ने कहा, कि तुम्हारा सारा उधार मैं चुका दूंगी। बस तुम मेरे साथ मेरे घर चलो। मैं अपने घर में ही तुम्हें एक कमरा दे दूंगी। तुम वहाँ पर रहना। मेरा घर बहुत बड़ा है, और मेरे पास बहुत पैसा है। बस ये मेरी परेशानी मेरी जान नहीं छोड़ती हैं। मैंने काफी मसाज सेंटर गई थी।

लेकिन वो ईमानदारी से काम नहीं करते। तुम ने इमानदारी से काम किया है, मुझे तुम्हारा काम बहुत पसंद आया है। मैंने उस औरत से कहा कि आप रोजाना यहाँ आ जाया करे मैं आपका मसाज कर दूंगी?

तो उस औरत ने कहा, कि तुम्हारा यह छोटा सा सेंटर में आना मुझे अच्छा नहीं लगता है। मेरा ताल्लुक बहुत ही हाई क्लास से है, और जब मेरी सहेलियों को मालूम होगा, कि मैं इतने छोटे से सेंटर में आकर मसाज करवाती हूँ। तो मेरा मजाक बन जायेगा। इसलिए मैं यहाँ नहीं आ सकतीं। तुम मेरे घर आजाओ। मैंने उस औरत की बात मान ली। उस औरत ने मेरा सारा कर्जा चुका दिया।

मैंने दुकान की मालकिन को जाकर उसके सारे पैसे वापस किए,

और अपना सेंटर बंद कर दिया। सोचा जब मुझे यहाँ पर रहने की अच्छी जगह मिल रही है।

और इतनी औरतों का मसाज करने के बजाय, जब मुझे एक का ही मसाज करना है, और खाना पीना सब कुछ मिल रहा है। तो परेशानी क्या है? मै खुशी खुशी मान लिया। वो औरत अपने साथ मुझे अपने घर ले गई। उसका घर किसी बड़े महल से कम नहीं था। उसने मुझे रहने के लिए कमरा दे दिया।

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जो घर के पीछे की तरफ था। वो क्वार्टर था। लेकिन मेरी इस कमरे से कहीं ज्यादा बेहतर था। ये कमरा साफ सुथरा था,

और अच्छा फर्निचर भी रखा हुआ था। यानी कि अमीर लोगों के नौकर भी ठाठ से ही रहते है। मैंने वहाँ पर अपना सामान रखा, और मैं भगवान से प्रर्थना किया , जिसने मुझे इतना अच्छा का मौका दिया था। मैं जान बूझकर दुनिया को धोखा नहीं दे रहा था।

मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता भी नहीं था। भगवान ही जानता है, कि मैंने कभी उन औरतों के शरीर पर नजर नहीं डाली थी।

वो औरत रोजाना रात को मसाज करवाया करती थी, और मैं आंखें बंद करके उसका मसाज करता था। वो मुझसे कहती थी, कि तुम दिन रात नकाब मे क्यों रहती हो। तो मैंने कहा, कि बस मेरी आदत है। उस औरत ने कहा कि ठीक है, तुम्हारा पर्दा है। लेकिन एक औरत से औरत का क्या पर्दा ? मैं तुम्हारा तो चेहरा देख सकती हूँ।

मैंने कहा, कि मेरा चेहरा जल गया था। मैं अपना चेहरा किसी को नहीं दिखाना चाहती। इस तरह की बात करके मुझे शर्मिंदा ना करे। मुझे शर्मिंदगी होती है, जब लोग मेरा जला हुआ चेहरा देखते हैं।

किसी ने दुश्मनी निकालने के लिये मेरे चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था। इस वजह से मेरा चेहरा देखने के काबिल नहीं है। और मैं किसी को दिखाना भी नहीं चाहती। मेरी दुखती दिल पर हाथ ना रखें तो बेहतर होगा। उसने कहा, कि मुझे बहुत अफसोस है, कि किसी ने तुम्हारे चेहरे पर तेजाब फेंकर तुम्हारा चेहरा बिगाड़ दिया। चलो ठीक है। मैं तुम्हारे दिल नहीं दुखाती हूँ। लेकिन ये सब किसने किया?

उस औरत ने जब ये सवाल किया। तो मैं सोच में पड़ गया।मैंने कहा, कि एक लड़के ने मुझे शादी करने को कहाँ था। और मैंने उसका रिश्ता ठुकरा दिया। उसके बदले उसने मरा चेहरा तेजाब फेंककर जला दिया, की मैं किसी और से शादी नही कर सकूँ। उस लड़के ने मुझ से बहूत बड़ा बदला लिया था। इस हादसे के बाद मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई।

और इसीलिए मैं अपना चेहरा दुनिया से छुपा कर रखती हूँ। और यही वजह है ,कि मेरी अब तक शादी भी नहीं हुई। मैं अब ये काम करने पर मजबूर हूँ,

क्योंकि मुझे यह काम बहूत अच्छे से आता है, मेरे हाथो मे ताकत है, जो की भगवान ने मुझे दिया है। मैं उससे फायदा उठाना चाहती हूँ। मैंने एक कहानी अपने चेहरे और नकाब को लेकर उस औरत को सुना दी, ताकि उससे मेरी बात पर भरोसा आये।

और मैंने इतने अच्छे से ये झूठ बोला था, की उसे भरोसा हो गया। उसने मुझसे कहा, कि सच में तुम्हारे हाथो में ताकत है। तुम्हारे हाथ की बहुत खूबसूरत बनावट के है। तुम पहले खूबसूरत चेहरे की लड़की रही होगी। लेकिन मुझे अफसोस बहुत है, कि तुम्हारे साथ ये हादसा हो गया। लेकिन मुझे फायदा हो रहा है।

तुम्हारे मसाज से मेरी परेशानी में बहुत कमी आई है। उस औरत ने मेरी बात पर भरोसा कर लिया।। और मुझे भी आराम हो गया।

क्योंकि अफसोस भी हो रहा था, कि अपनी पहचान दुनिया से छुपानी पड़ रही है। हालांकि इसमें मेरा कोई कुसूर नहीं था। मुझे झूठ बोलते हुए शर्मिंदगी भी हो रही थी। लेकिन मैं बहुत मजबूर था। मैं कुछ पैसे अपनी माँ को भेजने लगा। यह पेट जो भरना था, अपना और अपने घरवालों का। लोग सच कहते हैं,

इस पेट को भरने के लिए इंसान क्या कुछ नहीं करता? मैंने जो रास्ता अपनाया था। लेकिन फिर भी पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहा था।

लड़का बनकर जाता, तो लोग मेरे पीछे पड़ जाते। लड़की बनकर जाता, तभी लोग मेरे पीछे पड़ जाते। इसलिए मैंने सोचा, कि मर्द तो दोनों सूरतों में मुझे नुकसान पहुचाएंगे। कोई औरत मुझे नुकसान नहीं पहुंचा सकती, इसलिए मैंने औरतों के साथ काम करने का फैसला कर लिया। लेकिन मेरी असलियत उस औरत से ज्यादा दिन छुपी ना रह सकी।

 

 

आखिर मेरी सच्चाई क्या थी? मैं गरीब का मारा हुआ “इंसान था ?

एक दिन मैं उसका मसाज कर रहा था, कि अचानक से तेल की शीशी, जो मेरे हाथ में थी वो पुरे कपड़े पर गिर गई। मैं परेशान हो गया। मेरी मालकिन भी परेशान हो गई। उसने कहा, तुम्हारे कपड़े तो खराब हो गए हैं। मैंने कहा,मैं कपड़े बदल कर आती हूँ। तो उसने कहा, कि कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

यहाँ अलमारी में मेरा सूट पड़ा है। वह निकालकर पहन लो। मैंने कहा नहीं, मैं नहीं पहन सकती आपके कपड़े। मैं अपने कमरे में जा रही हूँ।

उसने जबरदस्ती अपना एक जोड़ा निकालकर मुझे दिया, और कहा, कि कपड़े बदल लो । मैं परेशान हो गया था। मैं उसके सामने कैसे कपड़े बदलता। वहाँ पर वॉशरूम भी नहीं था। यह कमरा सिर्फ मसाज के लिए उस औरत ने रखा हुआ था। मैंने बाहर जाने को काहा, तो उसने कहा, कि अगर मैने उसके सामने कपड़े नही बदले,

तो आज नौकरी से निकाल देगी। उसकी बात सुनकर मैं परेशान हो गया। क्योंकि उसकी नौकरी से मुझे बहूत फायदा हो रहा था। मैं मुफ्त में खा पी रहा था। मुझे घर भी मुफ्त में मिली थी। मुझे इतने पैसे मिल रहे थे, कि मैं अपने घरवालों को भी भेज दिया करता था। मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी थी।

मुझे घर से बाहर नहीं निकलना पड़ता था। मुझे जमाने की बातो का डर नहीं था। मुझे यहाँ पर हर चिज़ कि अराम थी। और मैं उन अराम को कभी नहीं खोना चाहता था।

लेकिन उस औरत की जिद थी, कि मैं उसके सामने कपड़े बदलूं । मैंने उससे कहा, कि आपके सामने कपड़े नही बदल सकती हूँ। आप अच्छी तरह से जानती है, कि मैं अपना चेहरा भी छुपा कर रखती हूँ। तो मैं अपना शरीर आपके सामने कैसे खोल सकती हूँ? मेरी बात सुनकर उस औरत के चेहरे पर एक मुस्कुराहट बिखर गई।

उसने कहा, कि मुझे तुम्हारी असलियत मालूम हो गई है।

मुझे पता चल गया है, कि तुम लड़की नहीं हो, लड़का हो। इसलिए मैं तुमसे ये कह रही थी ,की तुम खुद अपने मुँह से कह दो।। उस औरत की बात सुनकर मैं हैरान हो गया। यानी की वो पहचान गई थी। वो इतनी चालाक थी। वरना आज तक मैंने इतनी सफाई से काम किया था, कि किसी को भी शक नहीं हुआ था,

की मैं कौन हूँ। लेकिन उस औरत को शक हो गया। बल्कि उसे यकीन था। उसकी बात सुनकर मैंने रोना शुरू कर दिया। शर्मिंदगी के मारे बहूत बुरा हाल हो गया, कि जमीन फट जाये और मैं जमीन के अंदर समा जाऊं। मैंने जितना उस चीज़ को छुपाने की कोशिश की, आज मेरा सारा भेद उस औरत के सामने खुल गया था।

उसने मुझे कहा, कि रोना बंद करो, और मुझे बताओ कि तुमने ऐसा क्यों किया? मैंने उसे सारी बात बता दी, कि शुरू से लेकर जमाने ने मेरे साथ कैसा व्यवहार रखा।

जब मैं लड़का बनकर जाता तब भी लोग मुझे भगा देते। और मुझ पर अलग नजर रखते । और मैं लड़की बनकर जाता, तब भी मेरे साथ बुरा ही होता था। इसलिए मैंने सोचा, कि मैं औरतों के साथ औरत बनकर काम करूँ। ताकि कोई परेशानी ना होगी । मैंने किसी के साथ कभी कोई गलत काम नहीं की।

मैं गरीब का मारा हुआ “इंसान था ? तो क्या करता ?

आंखें बंद करके मसाज करता हूँ। आप जानती है। गरीब का मारा इंसान बहुत मजबूर हो जाता है, कि कुछ भी कर जाता है। काश के आप जैसे अमीर लोग समझ पाते। लेकिन मुझे पता है ,कि आप नहीं समझेंगी मेरी बात। मैं खुद ही यहाँ से चला जाता हूँ। मैं जाने लगा, तो उसने मुझे कहा, कि मुझे तुम्हारी परेशानी का अंदाज़ा हुआ है।

जो कहानी तुमने सुनाई है, वो यकीनन एक दर्दनाक दास्तान है। तुम कितने मजबूर थे मुझे पता है।

मुझे कुछ दिन पहले ही पता हो गया था, की तुम लड़की नहीं लड़का हो। और इसीलिए मैंने जानबूझकर तेल तुम्हारे कपड़ों पर गिरा दिया। मैं तुम्हें गलत समझ रही थी, लेकिन अब मुझे पता चल गया है, कि तुम गलत नहीं हो। तुमने जो किया मजबूरी में किया।

तुम्हारी मदद करना चाहती हूँ, और मैं तुमसे मसाज तो नहीं करवाउंगी। क्योंकि मुझे मालूम हो गया है कि तुम लड़की नहीं हो। लेकिन मेरे पास तुम्हारे लिए और काम हैं। तुम्हारा इमानदारी मुझे बहुत अच्छा लगा । तुमने कोई गलत काम नहीं की।

मैं तुम्हारी मजबूरी समझते हुए तुम्हें एक और नौकरी दे रही हूँ। औरत की बात सुनकर मुझे खुशी हुई। मैंने पूछा, कि मेरे लिए क्या काम है। तो उसने कहा, कि तुम्हें मेरे घर की रखवाली करनी होगी।

मैं किसी और पर भरोसा नहीं करती। तुम्हे जितने दिन मैंने अपने घर में रखा, तुमने कोई चोरी नहीं की।

बहुत अच्छे तरीके से तुम यहाँ रह रहे थे। आज के बाद तुम मेरे घर की रखवाली करना। मैं घर से बाहर होती हूँ, तो मुझे डर होता है, कि मेरे दूसरे नौकर चोरी करेंगे। या मेरा पति दूसरी औरतों को घर ले आएगा। मेरे जाने के बाद मेरे घर में क्या होता है? मेरा पति और मेरे बच्चे क्या करते है?

वो सब तुमको मुझे बताना है। आंखें चार करके मेरे घर पर नजर रखनी है। बस इतना सा तुम्हारा काम है।

मालकिन की बात सुनकर मैं खुश हो गया। ये काम तो मेरे लिए बहुत आसान था।

यानी की मुझे सब कुछ यहाँ पर देखना होगा, और मुझे रखवाली करनी होगी। मालिक ने मुझे कहा, कि ये नकाब पहनने की भी जरूरत नहीं है। तुम अपना मर्दाना कपड़ा में काम कर सकते हो। तुम्हें कोई कुछ नहीं कहेगा। इस बात ने मुझे और खुशी दी थी। मैं अब लड़कों के कपड़े में ही काम करता था।

मैं देखने में भले ही लड़की जैसा था, लेकिन मेरे अंदर ताकत लड़कों वाली ही थी। मैं किसी भी चोर और डाकू का मुकाबला कर सकता था। इसलिए मेरा कारोबार एक बार फिर से चल पड़ा। मैंने पूरी इमानदारी से काम किया। यहाँ पर मेरा रहना और खाना पीना मुफ्त, और मुझे पैसा भी मिलती थी।

तो मैं पैसा जमा करता जाता। और मैंने पैसा जमा करते करते अपना एक छोटा सा मकान ले लिया था। और अपने मम्मी पापा को यहाँ ले आया ।

मुझे उस औरत के घर में काम करते हुए अब 10 साल हो चूके हैं। वह बीमार होकर बिस्तर से लग गई है। लेकिन उसने मुझे नौकरी से नहीं निकाला।

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मैंने पूरे घरवालों का भरोसा जीता। उस औरत ने मुझे कहा, कि लोग तो बहुत है। लेकिन जीस इमानदारी से तुमने मेरा काम किया था, और तुम आँखें बंद करके जब मेरा मसाज करते थे। तभी मुझे अंदाज़ा हो गया था, कि तुम कितने साफ दिल इंसान हो। बस तुम मजबूर हो।

तुम्हारी इसी साफ दिल को देखते हुए मैंने तुम्हें अपने घर में जगह दी। आज मैं बहुत खुश हूँ। मेरे मम्मी पापा छोटे से घर में रह रहे हैं। और मैं उस घर में अराम से रह रहा हूँ।

सच कहते हैं, जब भगवान एक को, एक चीज़ नहीं देता है, तो दूसरा दे देता है। मेरे पास पैसा नहीं था, लेकिन उस औरत के दिल में भगवान ने रहमत डाल दी थी।

और मेरे सारी परेशानी हल हो गए थे। सारी बात मेरी नियत की थी,जो साफ थी। मेरी कहानी सुनकर आपको मुझ जैसे इंसानों के बारे में अंदाज़ा हो गया होगा, कि हम जैसे लोग जो पूरे मर्द होके भी कुछ नही कर सकते। और ज़माना उनके साथ क्या सुलूक करता है? और वो लोग कितने मजबूर होते हैं?

मेरी आपसे गुजारिश है, की मेरे जैसे अगर किसी इंसान को आप देखे, तो उसके साथ हम दर्दी से बात करें। अगर एक इंसान पूरे तरह से किन्नर होता है,

तो फिर भी उसे ज़माने में जगह मिल जाती है । और वह वही काम करता है जो किन्नर करते हैं । लेकिन अगर एक इंसान पूरे मर्द हो, लेकिन उसके हाथ पांव की बनावट, उसकी आवाज़, औरतों जैसी लगती हो। तो उसे जमाने में बहुत मुश्किल का सामना करना पड़ता है।

बिल्कुल ऐसे ही, जैसे एक पागल के लिए एक जगह है, जिसे पागल खाना कहते हैं। और वो वही पर रहता है, पर किसी को कोई ऐतराज नहीं होता।

लेकिन एक आधा पागल के लिए कोई जगह नहीं होती। उसके घर के सिवा। आधा पागल इंसान ना तो पागल खाने में रहता है। ना अपने घर में सुकून से रह सकता है। हम जैसे लोगों का यही परेशानी था। तो दोस्तों अगर ये कहानी पसंद आया हैं” तो हमें जरूर फॉलो कर ले ।। धन्यवाद दोस्तों,,,,,,,👋👋👋👋👋

2 thoughts on “मैं 5 सालों तक खूबसूरत औरतों का मसाज करता रहा॥ लेकिन किसी को शक नहीं हुआ.. लेकिन एक दिन बड़े ..

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